काठमाण्डू, ११ कातिक : राष्ट्रिय सभा अन्तर्गतके भोटेकोशी एवं कालीगण्डकी करिडोर विपदसम्बन्धी अध्ययन तथा अनुगमन संसदीय विशेष समिति बाइढ़ प्रभावित क्षेत्रमे कृषि, पशुपन्छी, जलचर, खेतीयोग्य जग्गा तथा जैविक विविधतामे भेल क्षतिके विस्तृत तथ्याङ्क उपलब्ध करेबाक लेल कृषि, वन तथा वातावरण मन्त्रालयकेँ आग्रह केलक अइछ ।
समितिके आजुक बैसारमे समितिके सभापति कृष्ण प्रसाद पौडेल मन्त्रालयकेँ यथाशीघ्र सूक्ष्म रुपमे प्रत्येक वाडके हानी नोक्सानी आ क्षतिके विवरण उपलब्ध कराबै लेल माँग केलैन । प्रभावित क्षेत्रके वास्तविक क्षति आ नागरिकके आवश्यकताक आधारमे पुनर्निर्माण तथा पुनःस्थापनाक उपाय पहिचान करबाक लेल विषयविज्ञसँ परामर्श करबाक ओ बतौलैन । प्रभावित ४९ वाडके विस्तृत विवरण प्राप्त भेलाक बाद मात्रे स्थलगत अनुगमन करबाक तैयारी रहल सभापति पौडेल जानकारी देलैन ।
समितिके आजुक बैसारमे मन्त्रालयके सचिव डा राजेन्द्र प्रसाद मिश्र बालीके क्षति आ दाम, पशुपन्छीके क्षति, जलचरके आर्थिक मूल्याङ्कन, दहाएल खेतीयोग्य जग्गा तथा जैविक विविधतामे भेल क्षतिके मूल्याङ्कन भ रहल जानकारी देलैन । क्षतिके विवरणकेँ अन्तिम रूप देबाक बाँकी रहल आ तथ्याङ्क तथा प्रतिवेदन समितिकेँ उपलब्ध करेबाक ओ बतौलैन ।
मन्त्रालय बालीके क्षति मूल्याङ्कन करैतकाल लगाएल गेल बाली, ओकर दाम, विगतके उत्पादकत्व आ चालु वर्षके बजार दामकेँ आधार बनेबाक सचिव डा. मिश्र बतौलैन । पशुपन्छीके क्षति किसान सूचीकरणसँ प्राप्त तथ्याङ्कके आधारमे मूल्याङ्कन भ रहल उल्लेख करैत ओ जलचर तथा दहाएल जग्गाके क्षति मूल्याङ्कनके लेल थप अध्ययन भ रहल बतौलैन ।
मन्त्रालयके प्रवक्ता डा. महेश्वर ढकाल अन्तर्राष्ट्रिय लस एन्ड ड्यामेज (हानी नोक्सानी) कोषसँ नेपालकेँ २० मिलियन अमेरिकी डलरके प्रस्ताव पेस करबाक अवसर प्रदान करबाक निर्णय भेल समितिकेँ जानकारी दैत जलवायु न्यायअन्तर्गत अन्तर्राष्ट्रिय क्षतिपूर्तिसहित आन्तरिक रूपमे राहतके न्यायोचित वितरण आ नदीके समग्र संरक्षण तथा पुनर्निर्माणमे पिड़ोसी देशसँ सहकार्यकेँ सेहो जोड़ देबाक चाही बतौलैन ।
समितिके इएह कातिक १६ गतेधैर विभिन्न मन्त्रालय तथा निकायसँ परामर्श क कातिक १७ गतेसँ २१ गतेधैर रसुवा, नुवाकोट आ धादिङके विपद प्रभावित क्षेत्रमे स्थलगत अनुगमन करबाक कार्यतालिका अइछ । (रासस)





